RBI का बड़ा फैसला: रेपो रेट में क्यों नहीं हुआ बदलाव और क्या सेंसेक्स छुएगा 1,07,000 का आंकड़ा?

भारतीय वित्तीय बाजार के लिए यह सप्ताह बेहद महत्वपूर्ण रहा है। एक तरफ RBI (भारतीय रिजर्व बैंक) ने अपनी मौद्रिक नीति में स्थिरता दिखाई है, तो दूसरी तरफ शेयर बाजार (Sensex) को लेकर बड़े संस्थानों ने बेहद उत्साहजनक भविष्यवाणी की है।

आइए समझते हैं इन खबरों के पीछे के मुख्य कारण और इनके मायने।


1. रेपो रेट स्थिर: RBI ने क्यों नहीं बदली चाल?

RBI ने फरवरी की समीक्षा में रेपो रेट को अपरिवर्तित (Unchanged) रखने का फैसला किया है। विशेषज्ञों ने इसके पीछे निम्नलिखित तर्क दिए हैं:

संतुलित दृष्टिकोण: इनक्रेड मनी (InCred Money) के अनुसार, RBI वर्तमान में एक ‘संतुलित रास्ते’ पर चल रहा है।

• अनुकूल घरेलू स्थिति: वर्तमान में देश के घरेलू हालात, आर्थिक ग्रोथ और महंगाई की दर नियंत्रण में और अनुकूल है, जिसके कारण दरों में बदलाव की जरूरत नहीं समझी गई।

आर्थिक रफ्तार पर भरोसा: बजाज ब्रोकिंग रिसर्च का मानना है कि यह निर्णय भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत रफ्तार पर केंद्रीय बैंक के भरोसे को दर्शाता है।

ग्रोथ पर फोकस: टाटा कैपिटल के मुताबिक, RBI का प्राथमिक उद्देश्य वर्तमान में देश की आर्थिक ग्रोथ को निरंतर बनाए रखना है।


2. सेंसेक्स की ‘सुपर’ भविष्यवाणी: 1,07,000 का लक्ष्य!

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) ने भारतीय शेयर बाजार को लेकर एक बहुत ही पॉजिटिव रिपोर्ट जारी की है:

ऐतिहासिक स्तर: रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर 2026 तक सेंसेक्स 1,07,000 के स्तर तक पहुंच सकता है।

तेजी के कारण: बाजार में इस मजबूती के पीछे RBI की ग्रोथ-फ्रेंडली नीतियां, बेहतर लिक्विडिटी, सरकार का कैपेक्स (Capex) पर फोकस और कंपनियों की अर्निंग्स में सुधार प्रमुख कारण होंगे।

जोखिम का पहलू: गिरावट की स्थिति में भी सेंसेक्स के इस साल के अंत तक 76,000 के स्तर पर रहने की उम्मीद जताई गई है।


निष्कर्ष

RBI की स्थिरता और मॉर्गन स्टेनली की भविष्यवाणी यह साफ संकेत देती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार आने वाले समय में नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार हैं।

आपकी क्या राय है? क्या आपको लगता है कि सेंसेक्स इस ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर पाएगा? नीचे कमेंट्स में बताएं!