सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, खरीदारी का मौका या फटाफट बेचने का संकेत?

हालिया तेज़ रैली के बाद सोने और चांदी की कीमतों में अब जोरदार गिरावट देखने को मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव बढ़ने के चलते एमसीएक्स (MCX) पर गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स में 5 से 6 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। इसका असर यह रहा कि कई गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ (ETF) भी करीब 10 से 14 प्रतिशत तक फिसल गए।

विशेषज्ञों के मुताबिक, हाल के दिनों में कीमतों में तेजी के बाद मुनाफावसूली बढ़ी है, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव तेज हुआ। इसी कारण निवेशकों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि मौजूदा गिरावट खरीदारी का मौका है या फिर जल्दबाजी में बेचने का अलार्म।

बाजार जानकारों का कहना है कि मौजूदा समय में सोने-चांदी में एकमुश्त बड़ी रकम निवेश करने से बचना चाहिए। कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है और आगे भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एसआईपी (SIP) के जरिए सीमित और चरणबद्ध निवेश बेहतर रणनीति साबित हो सकती है।

विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि सोना और चांदी लंबे समय में सुरक्षित निवेश माने जाते हैं, लेकिन अल्पकाल में कीमतों में तेज़ उतार-चढ़ाव आम बात है। इसलिए निवेश से पहले अपने लक्ष्य, समय अवधि और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है।

कुल मिलाकर, मौजूदा गिरावट घबराने की नहीं बल्कि सोच-समझकर रणनीति बनाने की है। जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय संतुलित निवेश ही इस समय बेहतर विकल्प माना जा रहा है।