सोने-चांदी की कीमतों में तेज गिरावट, सिर्फ 2 दिन में निवेशकों को ₹450 लाख करोड़ का नुकसान

वैश्विक बाजार में हाल ही में आई तेज गिरावट ने सोने और चांदी में निवेश करने वालों को बड़ा झटका दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, महज दो दिनों के भीतर सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों को करीब ₹450 लाख करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा है।


अचानक क्यों गिरीं सोने-चांदी की कीमतें?

जानकारों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारण जिम्मेदार हैं। अमेरिका में फेडरल रिजर्व (Fed) के नए चेयरमैन की नियुक्ति और डॉलर की मजबूती ने कीमती धातुओं पर दबाव बनाया है। आमतौर पर जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिलती है।

इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख की आशंका ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।


निवेशकों में बढ़ी चिंता

सोना और चांदी लंबे समय से सुरक्षित निवेश (Safe Haven) माने जाते रहे हैं। लेकिन हालिया गिरावट ने उन निवेशकों को हैरान कर दिया है, जिन्होंने कीमतों में तेजी की उम्मीद में हाल के महीनों में निवेश बढ़ाया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ दो दिनों में आई इस गिरावट ने बाजार में मौजूद बड़े और छोटे, दोनों तरह के निवेशकों को नुकसान पहुंचाया है।

गोल्ड और सिल्वर पर दबाव जारी

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आने वाले दिनों में:

डॉलर और मजबूत होता है अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर सख्त संकेत मिलते हैं वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता कम होती है

तो सोने और चांदी पर दबाव आगे भी बना रह सकता है।

हालांकि, कुछ विश्लेषकों का यह भी कहना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट खरीदारी का मौका साबित हो सकती है, बशर्ते निवेश सोच-समझकर किया जाए।


भारतीय बाजार पर क्या असर?

वैश्विक गिरावट का असर भारतीय सर्राफा बाजार पर भी साफ दिखा। घरेलू बाजार में सोने और चांदी के दामों में तेजी से कमी आई, जिससे:

ज्वैलरी कारोबारियों की खरीदारी बढ़ी लेकिन निवेशकों की पोर्टफोलियो वैल्यू घटी

शादी-विवाह के सीजन को देखते हुए, कुछ खरीदार इस गिरावट को अवसर के रूप में भी देख रहे हैं।

आगे क्या करें निवेशक?

बाजार विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि:

घबराहट में आकर जल्दबाजी में फैसले न लें लंबी अवधि के लक्ष्य को ध्यान में रखकर निवेश करें कीमतों में स्थिरता आने का इंतजार करें

सोने-चांदी में निवेश हमेशा उतार-चढ़ाव के साथ आता है, इसलिए सही समय और रणनीति बेहद जरूरी है।


निष्कर्ष

सोने और चांदी की कीमतों में आई यह तेज गिरावट निवेशकों के लिए चेतावनी है कि सुरक्षित माने जाने वाले निवेश भी जोखिम से पूरी तरह मुक्त नहीं होते। वैश्विक संकेतों पर नजर रखना और संतुलित निवेश रणनीति अपनाना ही इस तरह के उतार-चढ़ाव से बचने का सबसे बेहतर तरीका है।