बजट 2026 में शराब हुई महंगी: जानिए ₹1000 की बोतल अब कितने में मिलेगी और क्यों बढ़ी कीमत

केंद्रीय बजट 2026 के बाद आम जनता की जेब पर असर डालने वाली कई खबरें सामने आ रही हैं। इनमें से एक अहम खबर शराब की कीमतों से जुड़ी है। बजट में सरकार ने शराब पर लगने वाले टैक्स टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) की दर को 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 2 प्रतिशत कर दिया है। इस फैसले के बाद अलग-अलग राज्यों में शराब की कीमतों में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।


क्या है TCS और क्यों बढ़ा?

TCS यानी Tax Collected at Source वह टैक्स होता है जो किसी उत्पाद की बिक्री के समय ही वसूल लिया जाता है। शराब जैसे उत्पादों पर सरकार पहले से ही कई तरह के टैक्स लगाती है, जिनमें एक्साइज ड्यूटी, वैट और अन्य स्थानीय कर शामिल होते हैं।

बजट 2026 में सरकार ने शराब पर लगने वाले TCS को 1% से बढ़ाकर 2% कर दिया है। इसका सीधा असर शराब की खुदरा कीमत (Retail Price) पर पड़ेगा।

सरकार का कहना है कि इस कदम से टैक्स संग्रह बढ़ेगा और अवैध लेन-देन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।


₹1000 की बोतल अब कितनी महंगी होगी?

एबीपी न्यूज़ समेत कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बजट के बाद ₹1000 की शराब की बोतल अब ₹50 से ₹100 तक महंगी हो सकती है। हालांकि, यह बढ़ोतरी सभी राज्यों में समान नहीं होगी।

भारत में शराब पर टैक्स लगाने का अधिकार मुख्य रूप से राज्यों के पास होता है। इसलिए:

कुछ राज्यों में कीमत ₹50 तक बढ़ सकती है कुछ राज्यों में ₹80–₹100 तक की बढ़ोतरी हो सकती है जिन राज्यों में पहले से टैक्स ज्यादा है, वहां असर ज्यादा दिखेगा


अलग-अलग राज्यों में अलग असर

शराब की अंतिम कीमत पूरी तरह राज्य सरकारों की नीतियों पर निर्भर करती है। हर राज्य की अपनी एक्साइज पॉलिसी होती है।

दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु जैसे राज्यों में कीमतों में स्पष्ट बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान में भी नई कीमतें लागू होने की संभावना है कुछ राज्य अपने टैक्स स्ट्रक्चर में बदलाव करके असर को थोड़ा कम करने की कोशिश कर सकते हैं


आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?

शराब की कीमत बढ़ने का सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। जो लोग नियमित रूप से शराब खरीदते हैं, उनके मासिक खर्च में बढ़ोतरी होगी।

इसके अलावा:

होटल और बार में ड्रिंक्स और महंगी हो सकती हैं पार्टी और फंक्शन का खर्च बढ़ सकता है अवैध शराब की मांग बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है


सरकार का पक्ष क्या है?

सरकार का मानना है कि:

टैक्स बढ़ाने से राजस्व में इजाफा होगा शराब की खपत को हतोत्साहित किया जा सकेगा डिजिटल और पारदर्शी लेन-देन को बढ़ावा मिलेगा

स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी लंबे समय से शराब की खपत कम करने की वकालत करते रहे हैं, ऐसे में सरकार का यह कदम स्वास्थ्य के नजरिए से भी सही बताया जा रहा है।

शराब के अलावा और क्या हुआ महंगा?

बजट 2026 में शराब के अलावा भी कुछ चीजों पर टैक्स में बदलाव किया गया है, जिससे आम आदमी की जेब पर असर पड़ सकता है। वहीं कुछ सेक्टर को राहत भी दी गई है। कुल मिलाकर बजट में महंगाई और राहत – दोनों का संतुलन बनाने की कोशिश की गई है।


निष्कर्ष

बजट 2026 के बाद शराब पीने वालों को अब अपनी जेब और ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी। TCS बढ़ने के कारण ₹1000 की बोतल अब ₹50 से ₹100 तक महंगी हो सकती है। हालांकि, असली कीमत राज्य सरकारों की नीतियों पर निर्भर करेगी। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे राज्य नई एक्साइज दरें लागू करेंगे, कीमतों की पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी।