बजट 2026 के बाद NRI से संपत्ति खरीदना कैसे होगा आसान? पूरी जानकारी

भारत में रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा देने और टैक्स प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए बजट 2026 में सरकार ने एक अहम प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा जो NRI (Non-Resident Indian) से प्रॉपर्टी खरीदना चाहते हैं। अब तक NRI से संपत्ति खरीदना टैक्स और कानूनी औपचारिकताओं के कारण काफी जटिल माना जाता था, लेकिन नए बदलावों के बाद यह प्रक्रिया काफी हद तक आसान होने वाली है।


NRI से प्रॉपर्टी खरीदने में पहले क्या दिक्कत थी?

अब तक अगर कोई व्यक्ति किसी NRI से भारत में संपत्ति खरीदता था, तो उसे कई टैक्स संबंधी नियमों का पालन करना पड़ता था। सबसे बड़ी परेशानी थी:

TDS (Tax Deducted at Source) की जटिल प्रक्रिया सिर्फ TDS जमा करने के लिए TAN (Tax Deduction and Collection Account Number) लेना अनिवार्य अलग-अलग फॉर्म भरने और समय पर रिटर्न फाइल करने की मजबूरी आम खरीदारों के लिए टैक्स नियम समझना मुश्किल


NRI से प्रॉपर्टी खरीदने में पहले क्या दिक्कत थी?

बजट 2026 में क्या नया प्रस्ताव आया है?

सरकार ने बजट 2026 में NRI से संपत्ति खरीद पर टैक्स अनुपालन को सरल करने का प्रस्ताव दिया है। इस नए प्रस्ताव के अनुसार:

अब NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर सिर्फ PAN के जरिए TDS काटना और जमा करना होगा खरीदार को अब अलग से TAN लेने की जरूरत नहीं होगी पहले जहां केवल TDS भरने के लिए भी TAN लेना पड़ता था, अब वह झंझट खत्म हो जाएगा

इस बदलाव से खासकर आम खरीदारों और पहली बार घर खरीदने वालों को बड़ी राहत मिलेगी।

TAN की अनिवार्यता खत्म होने से क्या फायदा होगा?

TAN को अब तक एक बड़ा कम्प्लायंस बर्डन माना जाता था। TAN लेने, उसे एक्टिव रखने और उससे जुड़े रिटर्न भरने में समय और पैसा दोनों खर्च होते थे।


नई व्यवस्था के फायदे:

कागजी काम (Paperwork) कम होगा टैक्स प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी बनेगी खरीदार को प्रोफेशनल टैक्स सलाह पर कम खर्च करना पड़ेगा प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया तेज होगी

NRI से प्रॉपर्टी खरीदने की नई प्रक्रिया (संक्षेप में)

बजट 2026 के बाद NRI से संपत्ति खरीदने की प्रक्रिया कुछ इस तरह होगी:

खरीदार और NRI विक्रेता के बीच डील तय होगी खरीदार PAN के माध्यम से तय दर पर TDS काटेगा काटा गया TDS सरकार के खाते में जमा किया जाएगा TAN लेने या अलग अकाउंट खोलने की जरूरत नहीं रजिस्ट्री और अन्य कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी

यह प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं ज्यादा आसान और यूज़र-फ्रेंडली होगी।


रियल एस्टेट सेक्टर पर क्या असर पड़ेगा?

इस फैसले से भारत के रियल एस्टेट बाजार को सकारात्मक बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर:

NRI अपनी संपत्तियां बेचने में ज्यादा रुचि दिखाएंगे लोकल खरीदारों का भरोसा बढ़ेगा प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन की संख्या बढ़ेगी सरकार को टैक्स कलेक्शन में पारदर्शिता मिलेगी

आम लोगों के लिए क्यों है यह फैसला खास?

यह बदलाव सिर्फ NRI या बड़े निवेशकों के लिए नहीं, बल्कि आम मध्यम वर्ग के लिए भी बहुत फायदेमंद है। जो लोग अपने शहर या गांव में NRI रिश्तेदार या जान-पहचान वालों से जमीन या घर खरीदना चाहते हैं, उनके लिए अब रास्ता आसान हो जाएगा।


निष्कर्ष

बजट 2026 में प्रस्तावित यह बदलाव सरकार की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें Ease of Doing Business और आम नागरिकों की सहूलियत को प्राथमिकता दी जा रही है। NRI से प्रॉपर्टी खरीदने की प्रक्रिया को सरल बनाकर सरकार ने एक बड़ा और सकारात्मक कदम उठाया है।

अगर यह प्रस्ताव पूरी तरह लागू होता है, तो आने वाले समय में भारत का रियल एस्टेट सेक्टर और ज्यादा मजबूत होता नजर आएगा।