
हाल ही में शेयर बाजार में लिस्ट हुई लॉजिस्टिक्स कंपनी शैडोफैक्स (Shadowfax) के शेयरों में शुक्रवार को मजबूत रिकवरी देखने को मिली। नेगेटिव लिस्टिंग और लगातार दो कारोबारी दिनों की भारी गिरावट के बाद कंपनी के शेयरों ने निवेशकों को राहत दी। कारोबार के दौरान शैडोफैक्स का शेयर करीब 9 प्रतिशत तक चढ़कर ₹109.35 के स्तर तक पहुंच गया।
शैडोफैक्स का आईपीओ बाजार में काफी चर्चा में रहा था, लेकिन लिस्टिंग के दिन निवेशकों की उम्मीदों पर पानी फिर गया। कंपनी का इश्यू प्राइस ₹124 तय किया गया था, जबकि शेयर की लिस्टिंग ₹112.60 पर हुई। यानी लिस्टिंग के साथ ही शेयर में लगभग 9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद अगले कारोबारी दिन भी शेयर पर बिकवाली का दबाव बना रहा और कीमतों में और गिरावट देखने को मिली।
दो दिन में करीब 20% की गिरावट
लिस्टिंग के बाद शुरुआती दो दिनों में शैडोफैक्स के शेयरों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव रहा। कमजोर बाजार धारणा और शॉर्ट टर्म निवेशकों की मुनाफावसूली के कारण शेयर लगातार दबाव में रहा। इन दो दिनों के भीतर शेयर में कुल मिलाकर करीब 20 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे कई निवेशक चिंता में आ गए।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में कई नए आईपीओ में नेगेटिव या फीकी लिस्टिंग देखने को मिली है। कमजोर वैश्विक संकेत, ऊंचा वैल्यूएशन और बाजार में सतर्कता का माहौल इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। शैडोफैक्स भी इसी ट्रेंड का शिकार हुआ।
शुक्रवार को आई जोरदार रिकवरी
हालांकि शुक्रवार को तस्वीर बदलती नजर आई। कारोबार शुरू होते ही शैडोफैक्स के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। जैसे-जैसे बाजार में स्थिरता आई, वैसे-वैसे निवेशकों का भरोसा भी लौटा। इसका नतीजा यह रहा कि शेयर दिन के दौरान करीब 9 प्रतिशत तक चढ़ गया और ₹109.35 के स्तर तक पहुंच गया।
बाजार जानकारों के अनुसार, शुरुआती गिरावट के बाद शेयर कुछ निवेशकों को आकर्षक वैल्यूएशन पर नजर आने लगा। इसी कारण चुनिंदा निवेशकों ने इसमें खरीदारी की, जिससे शेयर में रिकवरी देखने को मिली।
निवेशकों की धारणा में सुधार
विशेषज्ञों का कहना है कि लॉजिस्टिक्स सेक्टर भारत में तेजी से बढ़ रहा है और ई-कॉमर्स के विस्तार के साथ इसकी मांग भी लगातार बढ़ रही है। शैडोफैक्स इसी सेक्टर में काम करने वाली कंपनी है, जिसके चलते कुछ निवेशकों को लंबी अवधि में इसमें संभावनाएं नजर आ रही हैं।
हालांकि, बाजार विशेषज्ञ यह भी साफ कर रहे हैं कि हाल ही में लिस्ट हुए शेयरों में शुरुआती दिनों में उतार-चढ़ाव सामान्य बात है। आईपीओ के बाद कीमतों में तेज गिरावट या तेजी निवेशकों की भावनाओं पर निर्भर करती है।
सतर्कता की सलाह
हालांकि शुक्रवार की तेजी से निवेशकों को राहत जरूर मिली है, लेकिन विशेषज्ञ फिलहाल सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि नए लिस्ट हुए शेयरों में अभी अस्थिरता बनी रह सकती है। ऐसे में केवल तेजी देखकर जल्दबाजी में निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों को कंपनी के बिजनेस मॉडल, वित्तीय प्रदर्शन, मुनाफे की स्थिति और भविष्य की रणनीति का अच्छी तरह अध्ययन करना चाहिए। लॉन्ग टर्म निवेश के नजरिए से ही कोई फैसला लेना समझदारी भरा होगा।
आगे क्या रहेगी शेयर की चाल?
आने वाले दिनों में शैडोफैक्स के शेयर की दिशा काफी हद तक बाजार के रुख, सेक्टर की स्थिति और निवेशकों की धारणा पर निर्भर करेगी। यदि बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहता है और कंपनी अपने प्रदर्शन को लेकर भरोसा जगाने में सफल रहती है, तो शेयर में आगे भी रिकवरी देखने को मिल सकती है।
वहीं, अगर बाजार में कमजोरी लौटती है या निवेशकों का भरोसा डगमगाता है, तो शेयर पर फिर से दबाव बन सकता है। इसलिए फिलहाल विशेषज्ञ संतुलित और सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दे रहे हैं।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, शैडोफैक्स के शेयरों ने नेगेटिव लिस्टिंग और दो दिन की भारी गिरावट के बाद मजबूत वापसी जरूर की है। शुक्रवार को आई करीब 9 प्रतिशत की तेजी ने निवेशकों को कुछ राहत दी है, लेकिन अभी शेयर की राह आसान नहीं कही जा सकती। आने वाले समय में कंपनी का प्रदर्शन और बाजार की चाल ही तय करेगी कि यह तेजी कितनी टिकाऊ साबित होती है।
