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चांदी में जोरदार रिकवरी, सिल्वर ETF 11% तक उछला; मार्च फ्यूचर्स ₹2.6 लाख प्रति किलो के पार

सोमवार को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। हाल ही में आई तेज गिरावट के बाद चांदी ने मजबूत रिकवरी दर्ज की, जिसका असर सीधे सिल्वर ETF और फ्यूचर्स बाजार में दिखाई दिया। निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी और मजबूत औद्योगिक मांग के चलते सिल्वर ETF में 11 प्रतिशत तक की उछाल आई, जबकि चांदी का मार्च फ्यूचर्स ₹2.6 लाख प्रति किलो के स्तर को पार कर गया।


गिरावट के बाद लौटी तेजी

पिछले कुछ सत्रों में चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखी गई थी। वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता, डॉलर की मजबूती और मुनाफावसूली के चलते कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ था। हालांकि, जैसे ही कीमतें निचले स्तरों पर पहुंचीं, निवेशकों ने इसे खरीदारी का मौका माना। इसी डिप-बाइंग के चलते चांदी में जोरदार रिकवरी देखने को मिली।

विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी में आई हालिया गिरावट ज्यादा समय तक टिकाऊ नहीं थी। मजबूत फंडामेंटल्स और बढ़ती औद्योगिक मांग ने कीमतों को दोबारा सहारा दिया है।


सिल्वर ETF में 11% तक उछाल

चांदी की कीमतों में आई तेजी का सबसे ज्यादा फायदा सिल्वर ETF निवेशकों को हुआ। सोमवार को सिल्वर ETF में 11 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। ETF में यह उछाल इस बात का संकेत है कि निवेशक एक बार फिर चांदी को सुरक्षित और आकर्षक निवेश विकल्प के रूप में देख रहे हैं।

ETF के जरिए निवेशकों को फिजिकल चांदी खरीदे बिना कीमतों में हिस्सेदारी मिलती है, जिससे जोखिम और स्टोरेज की परेशानी कम हो जाती है। यही वजह है कि तेजी के दौर में ETF में निवेश तेजी से बढ़ता है।


मार्च फ्यूचर्स ₹2.6 लाख प्रति किलो के पार

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का मार्च फ्यूचर्स ₹2.6 लाख प्रति किलो के ऊपर पहुंच गया। यह स्तर बाजार के लिए मनोवैज्ञानिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। फ्यूचर्स बाजार में बढ़ी खरीदारी यह दर्शाती है कि ट्रेडर्स आने वाले समय में कीमतों में और तेजी की उम्मीद कर रहे हैं।

विश्लेषकों के अनुसार, यदि अंतरराष्ट्रीय बाजारों से सपोर्ट बना रहा तो चांदी की कीमतें आगे और ऊंचे स्तरों को छू सकती हैं।


सोने में भी दिखी मजबूती

चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी मजबूती देखने को मिली। गोल्ड फ्यूचर्स में करीब 2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, सोने की तेजी चांदी के मुकाबले थोड़ी सीमित रही, लेकिन यह साफ संकेत है कि कीमती धातुओं में निवेशकों का भरोसा वापस लौट रहा है।

आमतौर पर जब बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक सोने और चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करते हैं।


औद्योगिक मांग ने दिया सहारा

चांदी की कीमतों को सहारा देने में इसकी मजबूत औद्योगिक मांग की अहम भूमिका रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल और अन्य आधुनिक तकनीकों में चांदी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। खासतौर पर ग्रीन एनर्जी सेक्टर में चांदी की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में चांदी की औद्योगिक मांग और बढ़ सकती है, जिससे इसकी कीमतों को लंबी अवधि में समर्थन मिलेगा।


अंतरराष्ट्रीय संकेत भी सकारात्मक

वैश्विक बाजारों से भी चांदी के लिए सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में स्थिरता और डॉलर इंडेक्स में सीमित मजबूती ने कीमती धातुओं को राहत दी है। इसके अलावा, दुनिया के कई हिस्सों में आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव भी निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर आकर्षित कर रहे हैं।

निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?

विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी में लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अभी भी मौके मौजूद हैं। हालांकि, कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। ETF के जरिए चरणबद्ध निवेश एक बेहतर रणनीति हो सकती है।

कमोडिटी विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेश से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम क्षमता और निवेश अवधि को ध्यान में जरूर रखें।


आगे क्या?

यदि औद्योगिक मांग मजबूत बनी रहती है और वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलते रहे, तो चांदी की कीमतें आने वाले समय में और ऊंचे स्तर देख सकती हैं। हालांकि, किसी भी अचानक वैश्विक घटनाक्रम या नीतिगत बदलाव से कीमतों में उतार-चढ़ाव संभव है।


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