
हाल के दिनों में चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली है, जिसका सीधा असर सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (Silver ETF) पर पड़ा है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के आंकड़ों के अनुसार, मार्च में समाप्त होने वाले चांदी के वायदा भाव में करीब 9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार को चांदी का भाव घटकर 2,44,654 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गया।
चांदी की कीमतों में आई इस कमजोरी का असर निवेश से जुड़े उत्पादों पर भी साफ दिखाई दिया। कारोबार के दौरान देश के प्रमुख सिल्वर ETF में दो अंकों तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को नुकसान झेलना पड़ा।
एक्सिस सिल्वर ETF में लगभग 11.65 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जबकि आदित्य बिड़ला सन लाइफ सिल्वर ETF में करीब 11.89 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। वहीं, कोटक सिल्वर ETF में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली, जहां कीमतें करीब 15.49 प्रतिशत तक टूट गईं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता, डॉलर में मजबूती और औद्योगिक मांग में नरमी के कारण चांदी की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। इसके अलावा, निवेशक जोखिम भरे एसेट्स से दूरी बनाकर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे भी चांदी की मांग प्रभावित हुई है।
चांदी को आमतौर पर औद्योगिक धातु और निवेश दोनों के रूप में देखा जाता है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और अन्य उद्योगों में इसकी मांग अहम भूमिका निभाती है। ऐसे में वैश्विक आर्थिक सुस्ती की आशंका चांदी की कीमतों पर नकारात्मक असर डाल सकती है।
निवेश विशेषज्ञों का मानना है कि अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बावजूद, लंबी अवधि के निवेशक बाजार की चाल को समझकर ही फैसला लें। जो निवेशक सिल्वर ETF में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें कीमतों की अस्थिरता और वैश्विक संकेतकों पर नजर बनाए रखना जरूरी है।
फिलहाल, चांदी और उससे जुड़े ETF में कमजोरी का दौर जारी है और आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिलने वाले संकेत कीमतों की दिशा तय करेंगे।