एशियाई बाजार में तेज गिरावट के बाद सोने की जोरदार वापसी, कीमत ₹1.59 लाख प्रति 10 ग्राम के पार

एशियाई बाजारों में हालिया भारी गिरावट के बाद सोने की कीमतों में एक बार फिर मजबूती देखने को मिली है। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, एशिया में सोने के दाम $5,000 प्रति औंस के स्तर को पार कर गए हैं, जो भारतीय बाजार में करीब ₹1.59 लाख प्रति 10 ग्राम के बराबर है। इससे पहले 29 जनवरी को रिकॉर्ड ऊंचाई से सोने में लगभग 11 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन अब कीमतों ने तेजी से रिकवरी की है।

सोमवार को सोने में करीब 1.3 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली और यह $5,028.77 प्रति औंस (लगभग ₹1.6 लाख प्रति 10 ग्राम) के आसपास ट्रेड करता नजर आया। यह उछाल मुख्य रूप से निवेशकों द्वारा निचले स्तरों पर खरीदारी और वैश्विक आर्थिक संकेतों में बदलाव के कारण आया है।


गिरावट के बाद डिप-बाइंग ने दिया सहारा

विशेषज्ञों के मुताबिक, हाल की तेज गिरावट के बाद निवेशकों ने सोने को एक बार फिर आकर्षक स्तरों पर खरीदा। सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की पारंपरिक मांग ने कीमतों को सपोर्ट दिया। जैसे ही दाम 11 प्रतिशत तक टूटे, संस्थागत और दीर्घकालिक निवेशकों ने खरीदारी शुरू कर दी, जिससे बाजार में तेजी लौटी।

इसके अलावा, एशियाई बाजारों में मुद्रा उतार-चढ़ाव और शेयर बाजार की अस्थिरता ने भी सोने की मांग को बढ़ाया है।


अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें बनीं तेजी की वजह

सोने की कीमतों में इस तेजी का एक बड़ा कारण अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें हैं। निवेशकों को उम्मीद है कि आने वाले महीनों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व नरम रुख अपना सकता है। ब्याज दरों में कटौती की संभावना बढ़ने से डॉलर पर दबाव पड़ता है, जिसका सीधा फायदा सोने जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों को मिलता है।

इसके साथ ही, अमेरिका में आर्थिक वृद्धि को लेकर मिली-जुली तस्वीर और महंगाई के आंकड़ों ने भी सोने को सपोर्ट दिया है।


वैश्विक बाजारों का असर

वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक अनिश्चितता और इक्विटी बाजारों में उतार-चढ़ाव ने निवेशकों को सुरक्षित विकल्पों की ओर मोड़ा है। एशिया के कई प्रमुख बाजारों में कमजोरी देखने को मिली, जबकि जापान का Nikkei इंडेक्स रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। इसके बावजूद, जोखिम को संतुलित करने के लिए निवेशकों ने अपने पोर्टफोलियो में सोने की हिस्सेदारी बढ़ाई।

विशेषज्ञों का कहना है कि जब शेयर बाजार रिकॉर्ड स्तरों पर पहुंचते हैं, तब भी निवेशक संभावित करेक्शन से बचाव के लिए गोल्ड में निवेश बढ़ाते हैं।


आगे क्या रह सकता है रुझान?

जानकारों के अनुसार, अगर वैश्विक आर्थिक हालात में अनिश्चितता बनी रहती है और अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की दिशा में संकेत मिलते हैं, तो सोने की कीमतों में आगे भी मजबूती देखी जा सकती है। हालांकि, अल्पावधि में मुनाफावसूली के कारण कुछ उतार-चढ़ाव संभव है।

निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे भावनाओं के बजाय दीर्घकालिक रणनीति के तहत सोने में निवेश करें और अपने पोर्टफोलियो में संतुलन बनाए रखें।


निष्कर्ष

कुल मिलाकर, एशियाई बाजार में आई हालिया गिरावट के बाद सोने ने मजबूत रिकवरी दिखाई है। ₹1.59 लाख प्रति 10 ग्राम के पार पहुंची कीमतें यह संकेत देती हैं कि अनिश्चित वैश्विक माहौल में सोना अब भी निवेशकों का भरोसेमंद सुरक्षित विकल्प बना हुआ है।